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फ़रवरी 24, 2011

बिहार स्पेशल शब्दकोष।

 पेश है शब्दकोश के कुछ जाने-पहचाने शब्द


" कपड़ा फींच\खींच लो, बरतन मईंस लो, ललुआ, ख़चड़ा, खच्चड़, ऐहो, सूना न, ले लोट्टा, ढ़हलेल, सोटा, धुत्त मड़दे, ए गो, दू गो, तीन गो, भकलोल, बकलाहा, का रे, टीशन (स्टेशन), चमेटा (थप्पड़), ससपेन (स्सपेंस), हम तो अकबका (चौंक) गए, जोन है सोन, जे हे से कि, कहाँ गए थे आज शमावा (शाम) को?, गैया को हाँक दो, का भैया का हाल चाल बा, बत्तिया बुता (बुझा) दे, सक-पका गए, और एक ठो रोटी दो, कपाड़ (सिर), तेंदुलकरवा गर्दा मचा दिया, धुर् महराज, अरे बाप रे बाप, हौओ देखा (वो भी देखो), ऐने आवा हो (इधर आओ), टरका दो (टालमटोल), का हो मरदे, लैकियन (लड़कियाँ), लंपट, लटकले तो गेले बेटा (ट्रक के पीछे), की होलो रे (क्या हुआ रे), चट्टी (चप्पल), काजक (कागज़), रेसका (रिक्सा), ए गजोधर, बुझला बबुआ (समझे बाबू), कॅबारो(उखाड़ना), कीन लो(खरीद लो), सुनत बाड़े रे...

4 टिप्‍पणियां:

  1. जनल बब्ची इ तू बड़ा बढ़िया लिखल ......तनि हमारो शब्द कोषवा जोड़ ला .
    येही ठीहा ( यही पर ),उन्मुनैएन जिउवा ,भैया पम-पम................

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  2. कई किश्‍तों की हो सकती है ऐसी पोस्‍ट, शब्‍दों के साथ उनका विवरण भी हो तो इसे अधिक रोचक बना देगा.

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